जापान से पाकिस्तान तक शेयर बाजार में हाहाकार, भारतीय निवेशकों को मिली एक दिन की राहत
बीते सप्ताह लगातार गिरावट के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में सोमवार को भी भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका के चलते तेल की कीमतें 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। इसका सीधा असर एशियाई शेयर बाजारों पर देखने को मिला।
जापान, दक्षिण कोरिया और पाकिस्तान समेत कई एशियाई बाजारों में निवेशकों के बीच बेचैनी बढ़ी और बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। ऐसे माहौल में भारतीय शेयर बाजार का सोमवार को बंद रहना निवेशकों के लिए राहत की बात रही।
गणेश चतुर्थी के चलते बंद रहा भारतीय बाजार
बीएसई और एनएसई की स्टॉक मार्केट हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार बंद रहा। इस दौरान इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव और करेंसी सेगमेंट में कारोबार नहीं हुआ। वहीं, कमोडिटी मार्केट में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह के सत्र में कारोबार बंद रहा, जबकि शाम 5 बजे से सामान्य कारोबार शुरू हुआ। इस वजह से इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में कुल चार कारोबारी दिन रहेंगे।
दुनिया के बाजारों में क्यों मचा हाहाकार?
सोमवार को ज्यादातर एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य के पूरी तरह खुलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की बड़ी बाधा से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका रहती है।
इसके अलावा हूती विद्रोहियों और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र से जुड़े घटनाक्रम ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है असर
भारतीय शेयर बाजार सोमवार को बंद होने के कारण वैश्विक बिकवाली के तत्काल असर से बच गया, लेकिन मंगलवार को बाजार खुलने पर निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, ग्लोबल मार्केट के संकेतों और गिफ्ट निफ्टी पर रहेगी।
अगर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बाजारों में गिरावट जारी रहती है, तो इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
