CHIEF EDITOR: HITENDER CHOUDHARY
मायूस से चेहरे
ना जाने कितने
गम लिए बैठे हैं,
मुस्कराते चेहरे
सपने लिए बैठे हैं,
खोए-खोए से चेहरे
ज़िंदगी के किस्से लिए बैठे हैं।