उत्तराखंड के चार धाम

 मेरे उत्तराखंड की पहचान हैं 

चारों के चार धाम 

जीवन से थके मुसाफिरों का 

विश्राम हैं यह चारों धाम

लाल बुरांस और फ्योली की 

महक है यहाँ के रास्तों पर 

घुंघुती और घिंडोरी की चहक 

सुन पाओगे यहां

कल- कल बहती गंगा की 

हरिद्वार में यहाँ धार 

देव प्रयाग में होता नदियों का

अद्भुत संगम यहां 

पहाड़ों की चढ़ती और

उतराती राहों में मिलेगी

चीड़ देवदार के सघन वृक्षों की 

लचकती बहकती टहनियों से 

होकर बहती हवा 

हमारे उत्तराखंड में मिलेंगे

सीढीनुमा खेत

रौनक इसकी बढाते है यहां

शादियों में गावं के लोग

खूब व्यस्त रहते यहाँ

चारों धाम महज देवभूमि नहीं 

आजीविका का साधन भी हैं 

हमारे उत्तराखंड के तीर्थ।

   अनिता चमोली,

  देहरादून, उत्तराखंड